चिरमिरी, एमसीबी। एसईसीएल चिरमिरी ओपन कास्ट माइंस में कार्यरत निजी आउटसोर्सिंग कंपनी के मजदूरों का आक्रोश अब सामने आने लगा है। मजदूरों ने पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने सहित कई गंभीर समस्याओं को लेकर एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। मजदूरों के समर्थन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, श्रमिक नेता और कांग्रेस पदाधिकारी उप क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पहुंचे और प्रबंधन को 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
मजदूरों और नेताओं का आरोप है कि निजी ठेका कंपनियों के माध्यम से काम कराने के दौरान श्रमिकों को निर्धारित सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं। उनका कहना है कि दो माह से वेतन लंबित होने के कारण मजदूरों के परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं और रक्षाबंधन जैसे त्योहार भी बिना वेतन के मनाने की स्थिति बनी।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों से निर्धारित 8 घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन, हेल्थ कार्ड और कर्मचारी पहचान पत्र जैसी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। मजदूरों के पीएफ और ग्रेच्युटी के हिसाब में पारदर्शिता नहीं होने तथा मुख्य ठेकेदार द्वारा पेटी कांट्रेक्ट दिए जाने से श्रमिकों के हित प्रभावित होने का आरोप भी लगाया गया।
प्रबंधन के सामने रखी गई 5 प्रमुख मांगें
प्रत्येक माह की 5 तारीख तक श्रमिकों के खाते में वेतन का भुगतान किया जाए।
- नेताओं ने कहा कि मजदूरों की मेहनत से खदानों का काम संचालित हो रहा है, ऐसे में उनके वेतन और वैधानिक अधिकारों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से ठेका कंपनियों की कार्यप्रणाली की निगरानी करने और मजदूरों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की।

मजदूरों और नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आगामी बैठक में बकाया वेतन सहित अन्य मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।









