बिना वैकल्पिक मार्ग सड़क बंद करने का आरोप, एसईसीएल के खिलाफ प्रदर्शन

बरतुंगा में सड़क बंद किए जाने से भड़का आक्रोश, सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की मांग

चिरमिरी, एमसीबी। चिरमिरी के बरतुंगा क्षेत्र में बरतुंगा से बड़ी बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को रातों-रात बंद किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन ने सुरक्षा के नाम पर सड़क पर गड्ढे खोदकर आवागमन बाधित कर दिया, जबकि लोगों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई।

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार यह मार्ग बरतुंगा से बड़ी बाजार, हल्दीबाड़ी और गोदरीपारा जाने वाला सबसे नजदीकी और सुविधाजनक रास्ता है। बरतुंगा क्षेत्र में शासकीय स्कूल नहीं होने के कारण करीब 150 बच्चे प्रतिदिन इन क्षेत्रों में पढ़ाई और ट्यूशन के लिए जाते हैं। सड़क बंद होने से अब स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को करीब 7 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।

लोगों का आरोप है कि एसईसीएल द्वारा बताए जा रहे वैकल्पिक मार्ग पर भारी डंपर और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा फेंसिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मुख्य सड़क बंद नहीं करने और पहले सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की मांग को लेकर एसईसीएल के महाप्रबंधक सहित प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद सड़क पर गड्ढे खोदकर रास्ता बंद कर दिया गया।

स्थानीय नेताओं ने सड़क की खुदाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क किसके अधिकार क्षेत्र में आती है और खुदाई के लिए किसकी अनुमति ली गई, इसका जवाब एसईसीएल प्रबंधन को देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मामले को न्यायालय तक ले जाने की चेतावनी भी दी गई है।

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि जब तक सुरक्षित, प्रकाशयुक्त और सुगम वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं हो जाता, तब तक बरतुंगा-बड़ी बाजार मुख्य मार्ग को आवागमन के लिए बहाल रखा जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

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