बरतुंगा मुख्य मार्ग बंद होने पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बड़ा हस्तक्षेप

स्थल निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्ग के दिए निर्देश

चिरमिरी। बरतुंगा से बड़ा बाजार को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मुख्य मार्ग को SECL प्रबंधन द्वारा बंद किए जाने के बाद क्षेत्र में उत्पन्न आवागमन की समस्या अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गई है। स्थानीय लोगों की परेशानी और बरतुंगा बचाओ समिति की लगातार मांगों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने बरतुंगा पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और समस्या के तत्काल समाधान की दिशा में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश।

मुख्य मार्ग बंद होने से बरतुंगा सहित आसपास के रहवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए बरतुंगा और बड़ा बाजार के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। मार्ग बंद होने के बाद पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली विद्यार्थियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई थीं।

मंत्री ने मौके पर पहुंचकर जाना पूरा हाल

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बरतुंगा पहुंचकर बंद किए गए मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान बरतुंगा बचाओ समिति के सदस्य, स्थानीय नागरिक, SECL प्रबंधन, वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और स्थानीय लोगों से चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की संभावनाओं का मौके पर ही जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध रास्तों और वैकल्पिक सड़क निर्माण की संभावनाओं को लेकर जानकारी दी। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय नागरिकों की परेशानी को देखते हुए समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

पैदल और दोपहिया वाहनों के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग के निर्देश

स्थल निरीक्षण के बाद SECL प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री ने आम जनता की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने संबंधित विभागों और SECL प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित कर ऐसा रास्ता तैयार करने पर जोर दिया, जिससे स्थानीय लोगों को तत्काल राहत मिल सके। साथ ही भविष्य में आवागमन की समस्या का स्थायी और सुगम समाधान निकालने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बरतुंगा बचाओ समिति की मांग पर हुई पहल

बरतुंगा मुख्य मार्ग बंद किए जाने के बाद बरतुंगा बचाओ समिति द्वारा लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष मामले को उठाया जा रहा था। समिति का कहना था कि मुख्य मार्ग बंद होने से स्थानीय नागरिकों के दैनिक आवागमन पर सीधा असर पड़ रहा है और लोगों को वैकल्पिक रास्ते के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मंत्री के स्थल निरीक्षण और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद समिति एवं स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जगी है कि अब इस समस्या का जल्द समाधान निकलेगा।

स्थायी समाधान की उम्मीद

स्थानीय लोगों का कहना है कि तत्काल वैकल्पिक मार्ग बनने से उन्हें कुछ राहत मिलेगी, लेकिन क्षेत्र के लिए स्थायी और सुरक्षित सड़क मार्ग की आवश्यकता बनी हुई है। ऐसे में SECL प्रबंधन, वन विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल के बाद अब लोगों की नजर SECL प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक मार्ग को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है। वहीं बरतुंगा बचाओ समिति और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मामले में त्वरित हस्तक्षेप और स्थल निरीक्षण के लिए मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

Leave a Comment